परम पूजनीय पिता तुल्य हमारे गुरुदेव मेरे महादेव के आशीर्वाद और प्रेरणा से इस गुरु वाणी के संकलन, संग्रह और प्रकाशन की जिम्मेदारी हम दोनों को मिली है। वैसे तो हम दोनों परम पूजनीय पिता तुल्य गुरुदेव मेरे महादेव के भक्तों की श्रृंखला में आते हैं लेकिन यह हमारा सौभाग्य है की उनकी बेटी और बहू हैं। अहर्निशं सेवामहे के व्रत के साथ हम सदैव अपने गुरुदेव मेरे महादेव की सेवा करते रहें। परंतु यह विशेष सौभाग्य है की गुरुदेव की वाणी का संकलन, संग्रह और प्रकाशन के प्रबंधन का विशेष कार्य हम दोनों माँ पुत्री (हमारे गुरुदेव मेरे महादेव की बेटी और बहू) को प्राप्त हुआ है वह भी गुरु पूर्णिमा के पावन दिन जिस दिन हमारे गुरुदेव मेरे महादेव पूर्ण रूप से दोनों हैं। ऐसे गुरुदेव और मेरे महादेव के चरणों में हम अपना शीश झुका कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और इस गुरुवाणी के सफल संकलन, संग्रह और प्रकाशन हेतु आप सभी गुरु भक्तों से शुभ कामना की अपेक्षा करते हैं। “शुभस्य शीघ्रम्, अशुभस्य कालहरणम्” की प्रेरणा से इस पुस्तक / गुरु वाणी को अल्प समय में प्रकाशित करने का निर्णय लिया गया। इसीलिए त्रुटियां संभावित हैं अतः आपसे विशेष अनुरोध है कि आप इन त्रुटियों को मुद्दा ना बनाते हुए सुझाव देने का कष्ट करें जो कि स्वागत योग्य है
परम पूजनीय पिता तुल्य हमारे गुरुदेव मेरे महादेव के आशीर्वाद और प्रेरणा से इस गुरु वाणी के संकलन, संग्रह और प्रकाशन की जिम्मेदारी हम दोनों को मिली है। वैसे तो हम दोनों परम पूजनीय पिता तुल्य गुरुदेव मेरे महादेव के भक्तों की श्रृंखला में आते हैं लेकिन यह हमारा सौभाग्य है की उनकी बेटी और बहू हैं। अहर्निशं सेवामहे के व्रत के साथ हम सदैव अपने गुरुदेव मेरे महादेव की सेवा करते रहें। परंतु यह विशेष सौभाग्य है की गुरुदेव की वाणी का संकलन, संग्रह और प्रकाशन के प्रबंधन का विशेष कार्य हम दोनों माँ पुत्री (हमारे गुरुदेव मेरे महादेव की बेटी और बहू) को प्राप्त हुआ है वह भी गुरु पूर्णिमा के पावन दिन जिस दिन हमारे गुरुदेव मेरे महादेव पूर्ण रूप से दोनों हैं। ऐसे गुरुदेव और मेरे महादेव के चरणों में हम अपना शीश झुका कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और इस गुरुवाणी के सफल संकलन, संग्रह और प्रकाशन हेतु आप सभी गुरु भक्तों से शुभ कामना की अपेक्षा करते हैं। “शुभस्य शीघ्रम्, अशुभस्य कालहरणम्” की प्रेरणा से इस पुस्तक / गुरु वाणी को अल्प समय में प्रकाशित करने का निर्णय लिया गया। इसीलिए त्रुटियां संभावित हैं अतः आपसे विशेष अनुरोध है कि आप इन त्रुटियों को मुद्दा ना बनाते हुए सुझाव देने का कष्ट करें जो कि स्वागत योग्य है।
आप सभी गुरु भक्तों से अनुरोध है की यह पुस्तक हमारे सद्गुरु भगवान का प्रसाद है उनकी वाणी है और इसका दुरुपयोग ना करने का संकल्प लें अर्थात इस पुस्तक को अपने निवास में समुचित स्थान पर रखने की कृपा करें। वैसे तो हम सब की मनोकामना थी की इस पुस्तक में दो चार अध्याय अपने अनुभवों के रूप में जोड़ते परंतु समयाभाव के कारण ऐसा करना संभव नहीं हो पा रहा है। हमारे गुरुदेव मेरे महादेव के आशीर्वाद और प्रेरणा से गुरुवाणी का प्रकाशन विभिन्न रूप से निरंतर जारी रहेगा और ऐसा करके हम सब धन्य होंगे। आज इसका विमोचन श्रद्धेय गुरुदेव मेरे महादेव के करकमलों द्वारा सद्गुरु श्री ऋतेश्वर महाराज आनंदम धाम के इस प्रांगण में हो रहा यह हम सब के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। माँ राधा रानी बाँके बिहारी जी और अन्य सभी देव गणों का आशीर्वाद हमें प्राप्त हो ऐसी मेरी मनोकामना है। अनन्तोगत्वा हम माँ बेटी (हमारे गुरुदेव मेरे महादेव की बेटी और बहू) से हमारे गुरुदेव मेरे महादेव की सेवा में कोई त्रुटि ना हो इस हेतु आप सब की शुभकामनाएं हमारे लिए प्रेरणा व मार्गप्रशस्त करने की मील का पत्थर साबित होगा।