‘मैं सृष्टि हूँ’ में निहित कविताएँ मात्र कविताओं का संग्रह नहीं है वरन भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। देश विदेश की ख्यातनाम 111 कवयित्रियों का एक जाजम पर काव्य सृजन के लिए आना मेरे लिए सुखद अनुभूति है। संपर्क संस्थान साहित्य जगत में महिला सशक्तिकरण को और अधिक मजबूत करने के लिए कई नई योजनाओं को ला रहा है। संपर्क संस्थान का मानना है कि साहित्य सृजन से व्यक्ति सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ता है। उम्मीद है साहित्य जगत में ‘मैं सृष्टि हूँ’ में शामिल कविताओं की खुशबू दूर तलक जाएगी। भविष्य की उज्ज्वल शुभकामनाओं के साथ।
संवेदनशील होना कवि की पहली पहचान है। जब भी मन में एहसास जन्म लेते हैं, संवेदनाएँ अपने आप मुखर होने लगती हैं और कलम सहज ही शब्दों को रूप देने लगती है और ये शब्द हमारे मन की अनुभूतियों को कागज पर चलते-चलते कविताओं का रूप लेकर हमारे मन के भावों को सुंदरतम तरीके से अभिव्यक्त करती है। संपर्क संस्थान के सानिध्य में 111 वरिष्ठ और स्थापित कवयित्रियों के साथ-साथ नवोदित कवयित्रियों की रचनाएँ ‘मैं सृष्टि हूँ’ साझा काव्य संग्रह में निखर कर आपके समक्ष आई है।
‘मैं सृष्टि हूँ’ में निहित कविताएँ मात्र कविताओं का संग्रह नहीं है वरन भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। देश विदेश की ख्यातनाम 111 कवयित्रियों का एक जाजम पर काव्य सृजन के लिए आना मेरे लिए सुखद अनुभूति है। संपर्क संस्थान साहित्य जगत में महिला सशक्तिकरण को और अधिक मजबूत करने के लिए कई नई योजनाओं को ला रहा है। संपर्क संस्थान का मानना है कि साहित्य सृजन से व्यक्ति सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ता है। उम्मीद है साहित्य जगत में ‘मैं सृष्टि हूँ’ में शामिल कविताओं की खुशबू दूर तलक जाएगी। भविष्य की उज्ज्वल शुभकामनाओं के साथ।